सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत का मामला दिन पर दिन गरमाता जा रहा है. अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) नई जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगा.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    August 12, 2020, 10:17 PM IST

नई दिल्ली. सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले की सीबीआई (CBI) की ‘एकीकृत’ (Unified) जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) गुरुवार को सुनवाई करेगा. जनहित याचिका (PIL) में कहा गया है कि इस मामले की मुंबई पुलिस (Mumbai Police) द्वारा की जा रही जांच के तरीके से पूरा देश स्तब्ध है. बीजेपी नेता और वकील अजय अग्रवाल की इस जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस एसए बोबडे (S A Bobde), जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी.

शीर्ष अदालत इससे पहले 30 जुलाई और 7 अगस्त को इसी तरह की अलका प्रिया और मुंबई के कानून के छात्र द्विवेन्द्र देवतादीन दुबे की जनहित याचिकाएं खारिज कर चुकी हैं. अदालत ने 7 अगस्त को दुबे की याचिका खारिज करते हुए कहा था, ”मृतक के पिता इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं. ऐसी कोई वजह नहीं है कि वह इसे ठीक से आगे नहीं बढ़ाएंगे. इस मामले में आप एक अनजान व्यक्ति हैं और आप अनावश्यक ही इसमें आ रहे हैं. हम इसकी अनुमति नहीं देंगे.”

अधिवक्ता अग्रवाल लंबे समय से बोफोर्स तोप सौदा दलाली कांड के मामले को शीर्ष अदालत में आगे बढ़ाते आ रहे हैं। उन्होंने याचिका में कहा है कि इस अभिनेता की असमय मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिये जरूरी है कि इसकी जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी जाये।

अग्रवाल ने अपने अतिरिक्त हलफनामे में दलील दी है कि इस मामले की जांच करने के मुंबई पुलिस के तरीके से पूरा देश स्तब्ध है। पुलिस की शुरूआती जांच में अनेक खामियां हैं। इनकी जांच भी जरूरी है कि क्या ये खामियां जानबूझ कर की गयी हैं या नहीं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे जैसे जिम्मेदार नेता ने आरोप लगाया है कि यह सीधे-सीधे हत्या का मामला है।याचिका में कहा गया है कि इस मामले में सभी इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर मीडिया ट्रायल हो रहा है। इस मीडिया ट्रायल पर विराम लगाने के लिये जरूरी है कि सीबीआई से इसकी एकीकृत जांच करायी जाये, जो इस तरह के चर्चित मामलों की निष्पक्ष जांच करने में पूरी तरह दक्ष है।

वकील अजय अग्रवाल ने याचिका में कहा है कि बॉलीवुड के उभरते सितारे सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में अपने आवास में मृत पाए गए थे. मुंबई पुलिस ने तत्काल ही इसे आत्महत्या का मामला घोषित कर दिया लेकिन पुलिस की यह कहानी किसी को हजम नहीं हुई. याचिका में सुशांत सिंह राजपूत के साथ सह-जीवन में रहने वाली रिया चक्रवर्ती द्वारा उसके खाते से 15 करोड़ रुपए निकाले जाने संबंधी खबरों का भी जिक्र किया है.

इस घटना के संबंध में पटना में दर्ज प्राथमिकी बिहार सरकार पहले ही जांच के लिये केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने की सिफारिश कर चुकी है और केन्द्र ने इसे स्वीकार करके आवश्यक अधिसूचना भी जारी कर दी है. दूसरी ओर, रिया चक्रवती ने सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा पटना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी मुंबई स्थानांतरित करने के अनुरोध के साथ शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर रखी है. रिया चक्रवती की इस याचिका पर अदालत अपना आदेश बाद में सुनाएगा.





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